पेट की खातिर दिव्यांग ने पैर को खड़े कर दिया गोले में….

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में एक ऐसा ही किस्सा सामने आया है जो इन दिनों आम आदमी की पेट की तड़प और परिवार के बसर की चिंता को जाहिर करता है. परिवार के भूख मिटाने की चिंता ने दिव्यांग बुजुर्ग भगवत सिंह को अप्रैल महीने की भरी दोपहरी और तपती धूप के बीच 2 किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर कर दिया. बैसाखी के सहारे भगवत किसी तरह पूर्व विधायक जजपाल सिंह के दफ्तर पहुंचे. पहुंचने पर देखा की ऑफिस के बाहर लंबी लाइन लगी है. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से सड़क पर गोले बनाए गए हैं ? जिससे कि वहां भीड़ इकट्ठा ना हो और लोगों के बीच की दूरी बनी रहे. काफी देर खड़े रहने के बाद जब हिम्मत और भूख-प्यास ने हिम्मत जबाव देने लगी तो दिव्यांग बुजुर्ग भगवत सिंह ने अपना क्रत्रिम पैर खोल कर गोले के बीच रख दिया , इस आस में की भीड़ में उसकी उपस्थिति गुम न हो जय ? दिव्यांग बुजुर्ग भगवत सिंह को जानकारी मिली थी कि पूर्व विधायक के ऑफिस पर राशन वितरित हो रहा है !

काफी देर के बाद इस दिव्यांग पर पूर्व विधायक जजपाल सिंह की नजर पड़ी. उन्होंने बुजुर्ग को वहीं लाकर भोजन दिया, साथ ही तांगा बुलवाकर उन्हें घर भिजवाया. इतना ही नहीं उन्होंने आगे भी लॉकडाउन के दौरान दिव्यांग बुजुर्ग के घर राशन और भोजन भेजने की बात कही है.

दिव्यांग बुजुर्ग ने बताया कि सात साल पहले एक ट्रेन हादसे में उनका पैर कट गया था. तब से ही वह असहाय हैं उनके घर में 6 सदस्य हैं लेकिन खाने के लिए कुछ नहीं बचा. इसलिए जब राशन वितरण की खबर मिली तो यहां पहुंच गए.

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