सौ साल पुराने 5 वृक्षों की बलि चढ़ाकर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस …

आज 5 जून है विश्व पर्यावरण दिवस आज पूरी दुनिया में इस पर्व को आशा और उम्मीद के साथ मनाने का उद्देश्य है कि पर्यावरण असंतुलन के चलते जिस तरह से मानव ने अपने स्वार्थ के लिए जल जंगल और जमीन के साथ खिलवाड़ करती है उसका भरपूर दोहन किया है और पर्यावरण को सबसे अधिक नुकसान है मानव सभ्यता के द्वारा पहुंचाया गया है पर्यावरण संतुलन के आधार जल जंगल और जमीन यदि सुरक्षित नहीं है पृथ्वी पर मानव सहित जीव जंतुओं का अस्तित्व भी खतरे में आ जाएगा वैसे तो वन विभाग को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह अपने प्रशासनिक समूह के तंत्र के साथ जंगलों को सुरक्षित रखने का भरपूर प्रयास करें परंतु प्रशासनिक तंत्र कि कुछ कमजोरियों के चलते और सरकार के कारपोरेट परस्त हो जाने के कारण लगातार बनाई जा रही जनविरोधी नीतियों के कारण अब शहरों में भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का काम स्वयं नागरिक कर रहे हैं जबकि वृक्षों को बचाने का काम हम सभी का है !

छिंदवाड़ा शहर की नागपुर रोड पर सबसे पॉश कॉलोनी विवेकानंद कॉलोनी मैं साईं मंदिर के पास स्थित लगभग 100 वर्षों से अधिक आयु के पांच जामुन के वृक्षों को आज विश्व पर्यावरण दिवस के दिन सरेआम आरा चलाकर उनका अस्तित्व समाप्त कर दिया गया बताया जाता है कि जिस जमीन पर यह लगे है उस जमीन पर कोई शॉपिंग मॉल बनाने की तैयारी है और लॉक डाउन का फायदा उठाकर नगर निगम से सांठगांठ कर यह 5 वृक्ष दिन दहाड़े आज काट दिए गए विश्व पर्यावरण दिवस पर किया गया यह कार्य निंदनीय होने के साथ मानवता एवं पर्यावरण संतुलन को नष्ट करने के साथ आपराधिक भी है यदि यह मान भी लिया जावे की इन वृक्षो को काटने की अनुमति जिला वृक्ष अधिकारी नगर निगम से ली गयी है तो उनकी ओपचारिकताये भी पूर्ण करवाने के लिए क्षेत्र वासियो से अनापत्ति लेनी होती है हमे यह नही लगता कि इन फलदार एवं छायादार वृक्षो को काटने देने हेतु आसानी से क्षेत्र के नागरिकों से मिली होगी यदि जिसने भी इसके  लिए सहमति दी होगी ? वह भी इन 5 वृक्षो की हत्या का उतना ही दोषी है ? जितना कि इन्हें कटवाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच वृक्षों की दिनदहाड़े बलि चढ़ा देना छिंदवाड़ा के लिए न केवल शर्मनाक है बल्कि इस कृत्य के लिए दोषियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा भी इस जिले के बुद्धिजीवी प्रगतिशील और पर्यावरण संतुलन के प्रति सचेत रहने वाले लोगों की जिला प्रशासन से है कि प्रशासन इस कृत्य पर संज्ञान लेकर तत्काल संबंधित ओं के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई करें ताकि आम जनता में यह संदेश जाए कि प्रकृति एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की गलती करने वालों को क्या सजा मिलती है यदि प्रशासन ऐसा करता है तो यह आने वाले समय में एक नजीर बनेगी जिससे कोई भी इस तरह का जघन्य कार्य करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा

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